सोमवार, १६ डिसेंबर, २०१९

दैनंदिन परिपाठ हिंदी दिनांक 27 नोव्हेंबर 2019

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 ❱❱ *तंत्रस्नेही शिक्षक समुह महाराष्ट्र* ❰❰
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*♻♻शालेय परिपाठ♻♻*
       🗓 *वार -बुधवार*   
           *दिनांक -- 27/11/2019*
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     🇮🇳🇮🇳 *राष्ट्रगान*🇮🇳🇮🇳
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         *जन गण मन।*                                   
*जनगणमन अधिनायक जय हे भारत  भाग्यविधाता।।*              

*कवि- रविंद्रनाथ टागोर*
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 🔊https://tinyurl.com/y5erxlvn 🔊 *राष्ट्रगीत संगीतसह* 🎶🎶
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🔊https://tinyurl.com
/Rashtrageet Without music audio 🔊🎶🎶
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     🇮🇳🇮🇳 *प्रतिज्ञा*🇮🇳🇮🇳
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*भारत मेरा देश है*...

*लेखक - व्यंकट सुब्बाराव पेदेमरी*
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https://tinyurl.com/Hindi-Pledge  🎶🎶
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*✳संविधान (प्रास्ताविक)✳* 
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*हम भारत के लोग* ...
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https://tinyurl.com/Sanvidhan-Geet
 
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  💫 *प्रार्थना*💫
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*|| तुम्ही हो माता पिता ||*

*तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो*
*तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो |*

*तुम्ही हो साथी तुम्ही संहारे*
*कोई ना अपना सिवा तुम्हारे|*
*तुम्ही हो नैय्या तुम्ही खेव्वैय्या*
*तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो...*

*जो खिल सके ना वो फूल हम हैं*
*तुम्हारे चरणोंकी धूल हम हैं |*
*दया की दृष्टी सदाही रखना*
*तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो...*

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻*
*सौ. सुपेकर कल्पना*
*अ. नगर*

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*_❇सुभाषित❇_*
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 *विद्यां ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम*् ।
*पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनात् धर्मं ततः सुखम्* ॥

*अर्थ*:
 पढ़ने-लिखने से नम्रता आती है. नम्रता से ज्ञान आता है. ज्ञान से पैसे आने शुरू होते हैं. पैसों से धर्म और फिर सुख मिलता है.

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻* 
  *श्रीम. वैशाली शिंदे लातूर 9422637352* ════════════════════
        *❇🌻दोहा*🌻❇
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*यावद्बध्दो मरुद देहे यावच्चित्तं निराकुलम्।*
*यावद्द्रॄष्टिभ्रुवोर्मध्ये तावत्कालभयं कुत: ॥*
 
*अर्थ*
          जब तक शरीर में सांस रोक दी जाती है, जब तक मन अबाधित रहता है, और जब तक ध्यान दोनों भौंहों के बीच लगा है, तब तक मृत्यु से कोई भय नहीं है।
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*⚛♻पंचांग♻⚛*
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दिन - 27/11/2019
वार- बुधवार 
मार्गशीर्ष -  शु. ०१
तिथी- शु. प्रतिपदा 
नक्षत्र - अनुराधा 
योग- सुकर्मा 
करण- बालव 
सुर्योदय-०६.५३
सुर्यास्त ०५.५९
विक्रम संवत-२०७६
शक संवत-१९४१

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻* 
  *श्री किशोर सोनवणे सर 9860915360* 
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💥💲 *सुवचन*💲💥 
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          *महत्त्व इस बात का नही है कि आप कितने अच्छे है, महत्त्व इस बात का है कि आप कितना अच्छा बनना चाहते हैं।*

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻*                   
   *श्रीम. मनिषा पांढरे*                                      
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  💧🌀 *कहावतें*🌀💧
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*अटकेगा सो भटकेगा.*

  _अर्थ -  काम के समय जो व्यक्ति दुविधा या सोच में पड़ जाता  हैं. उसका  काम हमेशा अधुरा ही रहेगा. कभी पूरा नहीं होगा._

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻*   
*श्री.समाधान अहिरे निंबायती ता.मालेगांव नाशिक*
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 🌎 *सामान्य ज्ञान*🌎
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1) भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौनसा है?
 *:- मोर* 
2) भारत का राष्ट्रीय खेल कौनसा है?
 *:- हॉकी* 
3) भारत का सर्वोच्च  पुरस्कार कौन सा है?
 *:- भारतरत्न* 
 
🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯   
 *उमेश राठोड* 
*दिग्रस यवतमाळ*                            *9921454162*                                        https://youtu.be/TwWXBSBBQ4w

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             *🌐दिनविशेष🌐*
     🔹 *⚜  27 नवंबर ⚜*🔹
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▪यह इस वर्ष का 331 वां दिन (लीप वर्ष का 332 वां दिन) है।

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*🔹  महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 🔹*
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▪२००१- सूर्यमालीका के बाहेरका ओरिसिस ग्रह पर हाइड्रोजन वातावरण का शोध लगा।
▪१९९५ - तलत महमूद इन्हे मध्य प्रदेश सरकारका लता मंगेशकर राष्ट्रीय पुरस्कार जाहीर हुआ।
▪१९९५ -पाँडेचरी व्हेक्टर कन्ट्रोल रिसर्च सेन्टरने खोजा थोम्ब्रिनेज हृदयविकारपर सर्वोत्कृष्ट औषध ठहरा।
▪१९१२- मोरोक्को के उत्तर किनारे पर स्पेन ने अपना दावा जाहिर किया।
▪१९०१- अमेरिका में सैनिक युद्ध कॉलेज की स्थापना हुई।
▪१८३९ - बोस्टन, मॅसेच्युसेट्स यहां अमेरिकन स्टॅटिस्टिकल असोसिएशनकी स्थापना हुई।
▪१८१५- पोलंडने संविधान अपनाया।
*🔹 जन्मदिन / जयंती🔹*
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▪१९८६ - सुरेश रैना, भारतीय क्रिकेटपटू ।
▪१९६० - युलिया टिमोशेन्को, युक्रेनियन अर्थशास्त्जञ
▪१९५३ - बप्पी लहिरी उर्फ़ अलोकेश लहिरी, भारतीय संगीतकार
▪१९४० - ब्रूस ली, अमेरिकन अभिनेता, मार्शल आर्ट तज्ञ
▪१९१५ - दिगंबर बाळकृष्ण मोकाशी, साहित्यिक versatile
▪१९०९ - अनातोली माल्त्सेव, रशियन गणितज्ञ, सिद्धांतवादी
▪१९०७ - हरिवंश राय बच्चन, भारतीय हिन्दी कवी
▪१९०३ - लार्स ऑन्सेगर, नोर्वेयिन रसायनशास्त्रज्ञ, भौतिकशास्त्रज्ञ
▪१८८८ - गणेश वासुदेव मावळणकर, भारतीय राजकारणी
▪१८८१ - डॉ. काशीप्रसाद जायसवाल, भारतीय प्राच्यविद्या पंडित
▪१८७१ - जियोव्हानी जॉर्जी, इटालियन भौतिकशास्त्रज्ञ
▪१८७० - दत्तात्रय बळवंत पारसनीस, भारतीय इतिहास संशोधक
▪१८५७ - सर चार्ल्स बेरिंग्टन,ब्रिटिश जैव रसायन शास्त्रज्ञ

*🔹मृत्यू / पुण्यतिथी/ स्मृतीदिन🔹*
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▪२०१३ - व्होल्कर रोहेल्ल्ड, जर्मन शरीरविज्ञानी, जीवशास्त्रज्ञ
▪२००८ - विश्वनाथ प्रताप सिंग, भारतीय राजकारण
▪२००२ - शिवमंगल सिंह सुमन, भारतीय कवी
▪२००० -बाळकृष्ण दत्तात्रेय सातोस्कर, मराठी साहित्यिक, संशोधक
दिबर किनायक पुरोहित, भारतीय स्वातंत्र्यसेनानी
▪१९९० - बॅसिलिस सी. जॅन्टोपौलोस, ग्रीक भौतिकशास्त्रज्ञ
▪१९७८ - लक्ष्मीबाई केळकर, राष्ट्रसेविका समिती संस्थापिका
▪१९७६ -गजानन त्र्यंबक माडखोलकर, मराठी कादंबरीकार
▪१९५२ - शंकर रामचंद्र राजवाडे (अहिताग्नी), वैदिक धर्म पुरस्कर्ते
▪१९४४ - लिओनिड मंडेलस्टाम, रशियन भौतिकशास्त्रज्ञ
▪१९०८ - जीन अल्बर्ट गौडरी, फ्रेंच भूगर्भ शास्त्रज्ञ, जीवाश्म शास्त्रज्ञ
▪१८५२ - अडा लवलेस, इंग्लिश गणितज्ञ, संगणक वैज्ञानिक
▪१७५४ - अब्राहम डी. मुआव्हर, फ्रेंच गणिती
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       *🙏संकलन/प्रशासक🙏*
        *✍श्री.महेश पराड*
            *भिवंडी महानगरपालिका, ठाणे*   
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*🌐🌐बोधकथा🌐🌐*
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     *विवेक का इस्तेमाल*

एक सेठ के पास ग्राहक आया, उसे घी लेना था। सेठ घी तोलने बैठा। पास में एक कारीगर बैठा था। घी तोलते-तोलते थोड़ा-सा घी नीचे गिर गया। सेठ ने उसे चाट लिया। ग्राहक चला गया। कारीगर ने सोचा—सेठ मकान तो बड़ा बना रहा है, लेकिन कंजूस लगता है। यह क्या मकान बनाएगा? उसने सोचा—सेठ मकान बनाने की इतनी बड़ी बात कर रहा है, कहीं धोखा न हो जाए। बातचीत शुरू हुई। सेठ ने कहा— 'मकान बनाना शुरू करना है।'

कारीगर बोला, 'सेठ साहब! मैं आपका मकान बना दूंगा, पर एक बात का ध्यान दें—जिस दिन मकान की नींव की खुदाई पूरी होगी, उस दिन नींव में एक मन घी की आहुति देनी होगी। उससे नींव मजबूत बन जाएगी, अन्यथा नींव मजबूत नहीं बनेगी।' सेठ ने कहा— 'ठीक है।' काम शुरू हुआ। सेठ ने कारीगर के सामने एक मन घी का पात्र रख दिया। कारीगर चक्कर में पड़ गया। सेठ बोला— 'यह लो घी।' 'सेठ साहब! अब विश्वास हो गया है कि मकान बन जाएगा।' '

संदेह क्यों हुआ? कब हुआ?' 'सेठ साहब! दो-चार बूंदें घी की नीचे गिरी और आपने घी को चाट लिया। मैंने सोचा—सेठ इतना कंजूस है, मकान कैसे बनाएगा। अब विश्वास हो गया है कि मकान बन जाएगा।' सेठ ने सोचा—यह कारीगर है लेकिन विवेकी नहीं है। सेठ ने कहा— 'अनावश्यक दो-चार बूंदें भी खराब नहीं होनी चाहिए और यदि आवश्यकता है, तो एक मन के स्थान पर दस मन घी भी डाला जा सकता है। विवेक यह होना चाहिए—हम शक्ति का उपयोग करें, किसी वस्तु का व्यय करें तो कहां करें?

▪ *सिख*▪
*विवेक होना चाहिए|*

*✍✒संकलन🖊✍*
*श्री कृष्णा कालकुंद्रीकर सिंधुदुर्ग*
📱9420355139📱
krishnalove5139@gmail.com
*शाळा आंबेरी वाक ता - मालवण*
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*♻♻समुहगीत*♻♻
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*🔮 सारे जहाँ से अच्छा🔮*

*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा*

*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा*
*हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा*

*गुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में*
*समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा*

*परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का*
*वो संतरी हमारा, वो पासवां हमारा*

*गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ*
*गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा*

*ऐ आब-ए-रौंद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको*
*उतरा तेरे किनारे, जब कारवां हमारा*

*मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना*
*हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्तां हमारा*

*यूनान, मिस्र, रोमां, सब मिट गए जहाँ से ।*
*अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशां हमारा*

*कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी*
*सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा*

*'इक़बाल' कोई मरहूम, अपना नहीं जहाँ में*
*मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा*

*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा*
*हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा ।*

*(- मुहम्मद इक़बाल)*

 *श्री भालचंद्र भोळे ठाणे*
*9545482635*
*gouritanay4@gmail.com*
*bncmcschool093@gmail.com*
*Bncmc School no 93, चाविन्द्रा, भिवंडी*
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 🕉 *पसायदान*🕉   

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*आतां विश्वात्मकेंदेवें।*  
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https://tinyurl.com/Pasaydan-Student  

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 *💮शालेय परिपाठ प्रमुख-*  
*श्री संजय राठोड सर*
*9881268233*

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 *परिपाठ एडिटर*
*श्री संजय राठोड*
*9881268233*
 *श्री महेश पराड* 
*9271585830*
*श्री समाधान अहिरे*
*9881181615*

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*परिपाठ आयोजक-*
*🔸मुख्य पर्यवेक्षक🔸*
*श्री.समाधान अहिरे सर*
 *9881181615*
*श्री.नितीन गुंजाळ सर*
 *9420148419*
*श्री.विश्वंभर बोकडे सर*
*9552171724*
*श्री.ओंकार भोई सर*
*9922021066*
*श्रीम गीतांजली गजबे मॅम*
*7776036919*
*श्रीम क्रांती महिरे मॅम*
*7447365876*
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  💠 *मुख्य प्रशासक*💠
   *श्री.भालचंद्र भोळे सर* 
*9545482635*
  🌐 *समुहप्रमुख*🌐
    *श्री.नितीन केवटे सर*
 *9527311125*
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*तंत्रस्नेही शिक्षक समूह, महाराष्ट्र*
🎯🗝 *धरूनी कास तंत्रज्ञानाची प्रगती होईल महाराष्ट्राची*🗝🎯
     

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