सोमवार, १६ डिसेंबर, २०१९

दैनंदिन परिपाठ हिंदी दिनांक 28 नोव्हेंबर 2019

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 ❱❱ *तंत्रस्नेही शिक्षक समुह महाराष्ट्र* ❰❰
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*♻♻शालेय परिपाठ हिंदी♻♻*
       🗓 *वार -गुरुवार*   
           *दिनांक -- २८/११/२०१९*
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     🇮🇳🇮🇳 *राष्ट्रगान*🇮🇳🇮🇳
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         *जन गण मन।*                                   
*जनगणमन अधिनायक जय हे भारत  भाग्यविधाता।।*              

*कवि- रविंद्रनाथ टागोर*
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 🔊https://tinyurl.com/y5erxlvn 🔊 *राष्ट्रगीत संगीतसह* 🎶🎶
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🔊https://tinyurl.com
/Rashtrageet Without music audio 🔊🎶🎶
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     🇮🇳🇮🇳 *प्रतिज्ञा*🇮🇳🇮🇳
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*भारत मेरा देश है*...
*लेखक - व्यंकट सुब्बाराव पेदेमरी*
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https://tinyurl.com/Hindi-Pledge  🎶🎶
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*✳संविधान (प्रास्ताविक)✳* 
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*हम भारत के लोग* ...
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https://tinyurl.com/Sanvidhan-Geet
 
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  💫 *प्रार्थना*💫
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🌼 _*हे शारदे मां...*_ 🌼
*हे शारदे मां , हे शारदे मां*
*अज्ञानता से हमें तार दे मां*
*तू स्वर की देवी हैं संगीत तुझसे,*
*हर शब्द तेरा हैं हर गीत तुझसे*
*हम हैं अकेले हम हैं अधुरे*
*तेरी शरण में हमें प्यार दे मां ||*

*मुनियों ने समझी गुनियों ने जानी,* 
*बेदो की भाषा पुराणों की बानी |* 
*हम भी तो समझें हम भी तो जाने,* 
*विद्या का हमको अधिकार दे मां ||*

*तू श्वेतवर्णी कमल पे विराजे,*
*हाथों में वीणा मुकुट सर पे साजे |*
*अज्ञानता के मिटा दे अंधेरे,* 
*उजालों का हमको संसार दे मां ||*

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🔹 *संकलन* 🔹
*सौ. सुपेकर कल्पना*
*अ. नगर*

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*_❇सुभाषित❇_*
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*श्लोकार्धेन प्रवक्ष्यामि यदुक्तं ग्रन्थकोटिभि*ः ।
*परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम*् ॥


अर्थ: सभी ग्रंथों में जो बात कही गई है वो है दूसरे का भला करना ही सबसे बड़ा पुण्य है और दूसरे को दुःख देना सबसे बड़ा पाप.
*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻* 
  *श्रीम. वैशाली शिंदे लातूर 9422633752* ════════════════════
        *❇🌻दोहा*🌻❇
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*मूर्खस्य पञ्च चिह्नानि गर्वो दुर्वचनं तथा ।*
*क्रोधश्च दृढवादश्च परवाक्येष्वनादरः ॥*
 
*अर्थ-*
       मूर्ख के पाँच लक्षण हैं; घमंड, दुष्ट वार्तालाप, क्रोध, जिद्दी तर्क, और अन्य लोगों की राय के लिए सम्मान की कमी।

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻*
  *श्री.संजय राठोड* 
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*⚛♻पंचांग♻⚛*
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दिन - 28/11/2019
वार-गुरुवार 
मार्गशीर्ष -  शु. ०२
तिथी- शु. द्वितीया 
नक्षत्र - जेष्ठा
योग-ध्रुती 
करण-कौलव
सुर्योदय-०६.५३
सुर्यास्त ०५.५९
विक्रम संवत-२०७६
शक संवत-१९४१

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻* 
  *श्री किशोर सोनवणे सर 9860915360* 
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💥💲 *सुवचन*💲💥 
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*बुराई को देखना और सुनना, ही बुराई की शुरुवात है*

*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻*                   
   *श्रीम. मनिषा पांढरे*                                      
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  💧🌀 *कहावतें*🌀💧
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*अपने पांव पर आप कुल्‍हाड़ी मारना.!*

   _अर्थ - अपने ही हाथो से अपना बुरा करना. या जो चीज़ हमें लाभ पहुंचाती है उसी को हम नुकसान पहुंचाते हैं!_
*✍🏻✒संकलन🖊✍🏻*   
*श्री.समाधान अहिरे निंबायती ता.मालेगांव नाशिक*
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 🌎 *सामान्य ज्ञान*🌎
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1) भारत का राष्ट्रीय फल कौन सा है?
 *:- आम* 
2)  इंडिया गेट कहां स्थित है?
 *:- नवी दिल्ली* 
3) "इंकलाब जिंदाबाद" का नारा किसने दिया?
 *:-  भगतसिंह* 
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 *उमेश राठोड* 
*दिग्रस यवतमाळ*                            *9921454162*      https://youtu.be/md_n8z22NQ8 ════════════════════
*🌐🌐बोधकथा🌐🌐*
 
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     *स्थाई चीज बेहतर*

महाराजा रणजीतसिंह राजसभा में बैठे थे। एक अंग्रेज व्यापारी कांच का फूलदान लाया। उसने कहा, महाराज! आप यह भेंट स्वीकार करें। मेरे पास ऎसी बहुत सामग्री है, आप उसको खरीदें। बड़े चतुर थे रणजीत सिंह। उन्होंने फूलदान हाथ में लिया और उसे फेंक दिया। फूलदान टूट गया। अब उसका मूल्य एक कौड़ी भी नहीं रहा। अंग्रेज देखता रह गया, सब लोग देखते रह गए, सोचा—इतना बढिया फूलदान था, महाराज ने यह क्या किया?

महाराज ने तत्काल अपना फूलदान उठाया। वह पीतल का बना हुआ था। अपने सेवक से कहा, हथोड़ा लाओ। सेवक हथोड़ा ले आया। महाराज ने निर्देश दिया— इस फूलदान को तोड़ो। सेवक ने फूलदान को पीट-पीटकर उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। महाराजा ने कहा—बाजार में जाओ और दोनों के टुकड़े बेचकर आओ। आदमी बाजार में गया। उसे कांच के टुकड़ों का कोई मूल्य नहीं मिला। वह पीतल के टुकड़ों को बेचकर मूल्य ले आया।

महाराज बोले—महाशय! हम उस चीज को नहीं चाहते, जो एक झटके में टूट जाए, फूट जाए और अपना मूल्य खो बैठे। हम ऎसी चीज चाहते हैं, जिसका टूटने पर भी मूल्य समाप्त न हो। पीतल का मूल्य समाप्त कहां होगा? वह बिक जाएगा। हम ऎसी स्थायी वस्तु चाहते हैं, जिसका मूल्य सदा बना रहे। यदि हमारी एकाग्रता अच्छी बन जाती है, परिकर्म अच्छा हो जाता है तो ध्यान में स्थायित्व आएगा। अन्यथा कांच के फूलदान की तरह टूट फूट कर वह अपना मूल्य गंवा देगा। ध्यान शिविर में ध्यान किया और घर जाकर भुला दिया तो स्थायित्व नहीं आएगा।

▪ *सिख*▪
*स्थाई चीज बेहतर|*

*✍✒संकलन🖊✍*
*श्री कृष्णा कालकुंद्रीकर सिंधुदुर्ग*
📱9420355139📱
krishnalove5139@gmail.com
*शाळा आंबेरी वाक ता - मालवण*
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*♻♻समुहगीत*♻♻
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*🔮 सारे जहाँ से अच्छा🔮*

*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा*

*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा*
*हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा*

*गुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में*
*समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा*

*परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का*
*वो संतरी हमारा, वो पासवां हमारा*

*गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ*
*गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा*

*ऐ आब-ए-रौंद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको*
*उतरा तेरे किनारे, जब कारवां हमारा*

*मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना*
*हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्तां हमारा*

*यूनान, मिस्र, रोमां, सब मिट गए जहाँ से ।*
*अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशां हमारा*

*कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी*
*सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा*

*'इक़बाल' कोई मरहूम, अपना नहीं जहाँ में*
*मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा*

*सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा*
*हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा ।*

*(- मुहम्मद इक़बाल)*

 *श्री भालचंद्र भोळे ठाणे*
*9545482635*
*gouritanay4@gmail.com*
*bncmcschool093@gmail.com*
*Bncmc School no 93, चाविन्द्रा, भिवंडी*
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 🕉 *पसायदान*🕉   

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*आतां विश्वात्मकेंदेवें।*  
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https://tinyurl.com/Pasaydan-Student  
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 *💮शालेय परिपाठ प्रमुख-*  
*श्री संजय राठोड सर*
*9881268233*

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 *परिपाठ एडिटर*
*श्री संजय राठोड*
*9881268233*
 *श्री महेश पराड* 
*9271585830*
*श्री समाधान अहिरे*
*9881181615*

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*परिपाठ आयोजक-*
*🔸मुख्य पर्यवेक्षक🔸*
*श्री.समाधान अहिरे सर*
 *9881181615*
*श्री.नितीन गुंजाळ सर*
 *9420148419*
*श्री.विश्वंभर बोकडे सर*
*9552171724*
*श्री.ओंकार भोई सर*
*9922021066*
*श्रीम गीतांजली गजबे मॅम*
*7776036919*
*श्रीम क्रांती महिरे मॅम*
*7447365876*
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  💠 *मुख्य प्रशासक*💠
   *श्री.भालचंद्र भोळे सर* 
*9545482635*
  🌐 *समुहप्रमुख*🌐
    *श्री.नितीन केवटे सर*
 *9527311125*
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*तंत्रस्नेही शिक्षक समूह, महाराष्ट्र*
🎯🗝 *धरूनी कास तंत्रज्ञानाची प्रगती होईल महाराष्ट्राची*🗝🎯
     

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अर्जित रजा अर्ज नमुना / Arjit Raja Arj ,form ,format

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